Jinsharnam Tirth

श्री दिगंबर जैन तीर्थधाम जिनशरणं

 

 

लोक के अग्रभाग में सिध्दमान जैन धर्म प्रवर्तक तीर्थंकर ऋषभदेव से लेकर भगवान महावीर तक अब लौटने वाले नहीं। स्वकल्याण अन्तःमुखि ध्यानस्थ साधना काल में “जीवन सृजक“ तीर्थंकर महावीर की दिव्य देशनाओं का संवाहक “जिनशरणं” का स्वप्न संदृष्टि चक्षुषीत हुआ।

महावीर की कालजयी देशना के शिलाखण्डो की आकृतियों में प्रासांगिकता तब ही प्रामाणिक होने लगेगी जब वीतरागी की साधना और क्षावक की उपासना के सपने इस तीर्थनगरी में साकार होने लगेंगे।

 

जन-जन जैनी बने ।

जैनी जिनेन्द्र हो - जिनेन्द्र की शरण में ।

जिनशरणं – जिनशरणं पव्वज्जामि । 

 

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें:

श्री दिगंबर जैन जिनशरणं तीर्थ ट्रस्ट, उपलाट

उपलाट, तलासरी, जिला-ठाणे, महाष्ट्र 

 Ph: +91-9784 515 250, +91-9879 221 000,

   +91-9879 548 940, +91-9537 550 000.

    

 

  

 

 Pg 2
Pg 3
Pg 4
Pg 5
Pg 5

Advertisement